शनिवार, 13 अगस्त 2016

have an investment plan for 5 years in Hindi


यदि आपके पास लम्बी अवधि का छोटा सा निवेश प्लान है तो आपके पास कर्इ निवेश के विकल्प मौजूद हैं।
यदि आप आयकर दायित्व को पूरा करने के लिए अधिक जोखिम उठाने की क्षमता रखते हैं,
तो आपको इससे अधिक रिटर्न की सम्भावना भी बनी रहती है।

यहां आपको पांच वर्ष की अवधि के लिए अच्छे निवेश प्लान बतायें जा रहे हैं।

शेयरों में निवेश से भी अच्छा रिटर्न मिलता हैं, किन्तु जोखिम अधिक रहने के कारण आपका निवेश फंस सकता है। अत: हमारा मानना है कि शेयरों में निवेश के साथ-साथ आप फिक्स डिपाजिट में निवेश करें ताकि अच्छा लाभ मिल सकें।

आर्इसीआर्इसीआर्इ बैंक के शेयरों में निवेश
आर्इसीआर्इसीआर्इ के शेयर बहुत तेजी से गिरें हैं और इनका बाजार भाव एक वर्ष में लगभग आधा रह गया है। इस शेयर में निवेश में जोखिम बनी हुर्इ है, परन्तु जरुरी यह है कि आप इन शेयर को सही भाव में खरीदें, जिनमें रियल स्टेट के शेयर भी हो सकते हैं।
एनपीए के कारण आर्इसीआर्इसीआर्इ बैंक के शेयर तेजी से गिरें हैं। एक वर्ष पहले जब इस शेयर का भाव 350 रुपये था जो गिर कर अब मात्र 190 रुपये रह गया है।
इस समय आर्इसीआर्इसीआर्इ बैंक का शेयर एक वर्ष के अर्निंग अनुपात में दस गुणा कम पर ट्रेड कर रहा है, जो बहुत कम है। दूसरा यह मानना है कि इस बैंक की सहायक कम्पनियों जैसे आर्इसीआर्इसीआर्इ प्रुडेंसियल लार्इफ एवं आर्इसीआर्इसीआर्इ डायरेक्ट की वैल्यू बहुत अधिक हैं, जिसका अंतत: लाभ आर्इसीआर्इसीआर्इ बैंक को ही होने वाला है।
शेयर बाज़ार में जो वर्तमान स्थिति बनी है उसके बदलने की पूरी सम्भावना है, क्योंकि यदि अर्थव्यवस्था में सुधार आता हैं तो बैंक के एनपीए कम हो जायेंगे। बैंक अपनी बाज़ार रणनीति मे भी परिवर्तन कर रहा है जिसके तहत बैंक रिटेल क्षेत्र में उतर गया है। इस वजह से सम्भव है कि मध्यम और दीर्घ अवधि में अधिक लाभांश का भुगतान करें। आर्इसीआर्इसीआर्इ बैंक शेयर तीन वर्ष के नीचले स्तर पर ट्रेड कर रहा है, अत: इस समय इसमें निवेश से लाभ की पूरी सम्भावना है।

केटीडीएफसी
केटीडीएफसी फिक्सड़ डिपॉजिट अन्य कम्पनियों की फिक्सड़ डिपाजिट की तरह ही है, किन्तु अन्य कम्पनियों की तुलना में यह फिक्सड़ डिपाजिट काफी सुरक्षित है। इसका कारण यह है कि इस फिक्सड़ डिपाजिट के पीछे केरल सरकार है। यदि आप इस फिक्सड डिपाजिट़ में पांच वर्ष के लिए निवेश करते हैं तो आपको 8.25 प्रतिशत की दर से वार्षिक ब्याज मिलेगा।
यह आपको अनुमानित 10.17 प्रतिशत लाभ देगा। यह बहुंत अच्छा विकल्प है, क्योंकि पिछले एक वर्ष में ब्याज की दर तेजी से गिरी हैं। आप इसमें तीन वर्ष के लिए भी निवेश कर सकते हैं। इस निवेश पर आपको 8.75 प्रतिशत वार्षिक दर से ब्याज मिलेगा।
जैसा कि पहले बताया जा चुका है -आपके लिये इसमें निवेश बहुत अच्छा रहेगा यदि आप पांच साल के निवेश प्लान में धन लगाते हैं। एक अच्छी बात इस निवेश में यह है कि यदि ब्याज दर आने वाले सालों में गिरती है तो आपको चिंता करने की आवश्यकता नहीं हैं, क्योंकि आपका निवेशित धन पांच साल के लॉकिंग पिरियड़ की ऊंची ब्याज दर के अन्तरगत आ गया है। इस निवेश में एक हानि यह है कि आपको जो लाभ होगा आयकर के दायरे में आ जायेगा और पांच हजार से अधिक आय पर टीडीएस कटेगा।

इएलएसएस
इक्वीटी लिंक सेविंग स्कीम निवेश के लिए एक अच्छी स्कीम है। इस स्कीम के अन्तरगत किये गये धन के निवेश की आय पर आयकर नहीं कटेगा, वरन निवेश पर आय कर की धारा 80 सीसी के तहत आयकर की छूट मिलेगी, जिसकी सीमा डेढ़ लाख तक है।
इस निवेश में रुचिकर बात यह है कि इसमें तीन वर्ष का ही लॉक पिरियड़ होता है। अच्छा लाभ अर्जित करने के लिए आपको पांच वर्ष की अवधि के लिए निवेश करना चाहिये। अत: यदि आप पांच वर्ष की अवधि के लिए निवेश करना चाहते हैं तो इएलएसएस के विकल्प को नहीं छोडे़।

ओएनजीसी शेयर में निवेश
अन्तरराष्ट्रीय बाज़ार में कच्चे तेल के भाव गिरने से ओएनजीसी का शेयर तेजी से गिरा है। यह कम्पनी अच्छा लाभांश देने वाली कम्पनी है जो प्रति शेयर चार प्रतिशत तक लाभांश देती है। हमारा ऐसा विश्वास है कि एक सीमा तक कच्चे तेल के भाव गिरने के बाद इसमें पुन: रैली आयेगी।
यदि ऐसा होता है तो ओएनजीसी के शेयर में भी रैली आयेगी। यह शेयर 340 से के अपने उच्चतम स्तर से 210 रुपये तक गिर गया है। अत: यदि ओएनजीसी का शेयर 200 रुपये के स्तर से नीचे आता है तो इसमें निवेश का एक अच्छा मौका है। इस शेयर में निवेश करने के बाद लम्बी अवधि तक निवेशित रहने का ध्यान रखें।

डिस्क्लेमर: उपरोक्त शेयरों में निवेश में लेखक के अपने विचार है और शेयरों को खरीदना/ बेचना आपके विवेक पर निर्भर करता है। यह अधिकृत सूचना नहीं है अत: यदि आपको शेयर में निवेश से हानि होती है तो इसकी जिम्मेदारी लेखक की नहीं होगी। शेयरों में निवेश का निर्णय आप स्वयं लेवें। यह मात्र एक व्यावसायिक सलाह है।

होटल रेस्तरां कैसे खोलें ? How to open my own restaurant hotel in Hindi

कैसे खोलें खुद का रेस्तरां

हवा, भोजन और पानी इन चीज़ों के बिना इंसान जिंदा नहीं रह सकता है।
भोजन रेस्तरां के खुलने का आधार बन सकता है लेकिन चलने का नहीं।
रेस्तरां को चलाने के लिए आपके पास पूंजी, सही स्थान, स्टाप, मेन्यू एवं इसे चलाने की योजना होनी चाहिए। इस क्षेत्र में आपका अनुभव आपके काम आ सकता है। यदि आपने इस बिज्नस को सेटअप करने का निर्णय ले लिया है
तो नीचे दी गई बातों पर भी एक नज़र डालें।

भारत में रेस्तरां खोलने से जुड़ी कुछ जरूरी बातें

1 आप किस प्रकार का रेस्तरां खोलना चाहते हैं
आप किस प्रकार का रेस्तरां खोलना चाहते हैं इसका फैसला रेस्तरां में रखे जाने वाले व्यंजनों पर निर्भर करता है। पाकशास्त्र का ज्ञान एवं इसमें आपका तजुर्बा रेस्तरां को चलाने में आपकी मदद करेगा। यदि आप अपना रेस्तारां एक मौल में खालना चाहते हैं तो आप एक फास्ट फूड़ रेस्तरां या एक फैमिली क्विज़ीन के रूप में अपनी शुरूआत कर सकते हैं। इससे यह पता चलता है कि रेस्तरां को खोलने में स्थान भी एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

2 रेस्तरां में लगने वाली पूंजी
कोई भी काम आपको शुरूआत में ही मुनाफा कमाकर नहीं देगा। अतः जब तक आपका रेस्तरां सेट नहीं हो जाता आपको उससे जुडे खर्चों को उठाना होगा। आप जिस बिज्नस में निवेश करने के बारे में सोच रहे हैं वह अन्य बिज्नस से अलग है। यहां चीज़ों को ना बिकने पर अधिक समय के लिए रखा नहीं जा सकता।


रेस्तरां को शुरू करने से पहले खान-पान की चीज़ों का हिसाब, नौकरों की तनख़्वाह एवं रेस्तरां के किराए का हिसाब लगाना जरूरी है।

3 रेस्तरां शुरू करने से जड़ी कानूनी बातें
रेस्तरां शुरू करने से पहले मालिक के पास रेस्तरां को शुरू करने का लाइसेंस होना चाहिए। यह लाइसेंस व परमिट आपको स्वास्थ्य सेवा विभाग से प्राप्त होगा। फूड स्थापना परमिट एक महत्वपूर्ण परमिट है जोकि रेस्तरां के मालिक के पास मौजूद होना चाहिए। इसके अलावा, मालिक को रेस्तरां का बीमा भी करवाना पड़ता है।

4 रेस्तरां का इंटीरियर
आप अपने रेस्तरां को किस तरह का लूक देना चाहते हैं यह आप पर निर्भर करता है। हालांकि आज बाज़ार में चीजों की कमी नहीं है लेकिन खरीदने से पहले आपको वस्तुओं का सही दाम पता करना होगा। इसके अलावा, फर्नीचर काफी आरामदेह व खूबसूरत होना चाहिए।

5 मेन्यू
आज हम उस दौर में नहीं है जहां केवल भारतीय व्यंजनों को पसंद किया जाता है। अब ग्राहक हर क्विज़ीन का स्वाद चखना पसंद करता है और कुछ व्यंजन उसकी पसंदीदी व्यंजनों की सूची में भी शामिल हो चुके हैं। इसलिए अपने ग्राहकों को ध्यान में रख कर अपना मेन्यू चुनें। साथ ही, आपके रेस्तरां में मिलने वाले पकवानों के दाम अन्य रेस्तरां से अधिक नहीं होने चाहिए।

6 सही तरह से काम विभाजित करें
आपको कितने कर्मचारियों की जरूरत है तथा कौन सा कर्मचारी क्या काम करेगा इसकी सूची पहले से तैयार रखें। अपने कर्मचारियों को ग्राहकों से बात करने की ट्रेनिंग भी प्रदान करें। यदि रेस्तरां के कर्मचारियों को अलग पोशाक उपलब्ध कराई गई है तो उनकी पोशाक साफ-सुथरी होना चाहिए। कर्मचारियों का रवैया ग्राहकों को आकर्षिक करने में मदद करता है।


जिस कर्मचारी को जो काम सौंपा गया है उसे वही काम करने दें। यदि स्टाफ की कमी के कारण आप वेटर को शेफ के काम पर लगाएंगे तो परोसे जाने वाले व्यंजन का हला क्या होगा इसका अंदाज़ा लगाना मुश्किल नहीं है। इस कटौती में सबसे अधिक नुकसान आपको होगा।


प्रमोशन और अच्छा रिस्पोंस

7 विज्ञापन
विज्ञापन देने के लिए आपको रेस्तरां के खुलने तक का इंतज़ार करने की जरूरत नहीं है। लोगों को आकर्षित करने के लिए आप अपने रेस्तरां का प्रचार कुछ हफ्ते पहले ही आरंभ कर सकते हैं। इसके लिए आप शहर के प्रमुख जंक्शनों पर अपने रेस्तरां के बैनर व पोस्टर लगा सकते हैं। स्थानीय ऐड्वर्टाइज़्मन्ट एजंसी की मदद से पर्चों द्वारा अपने रेस्तरां का प्रचार कर सकते हैं।

8 सोशल मीडिया प्रमोशन
आज सोशल मीडिया हर व्यक्ति से साथ चलना है। फिर चाहे व्यक्ति दफ्तर में हो या घर में इंटरनेट उस मिलों दूर से अपने करीब खींच लेता है। फेसबुक, ट्विटर जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर हर व्यक्ति अपनी मौजूदगी को दर्ज करता है। जिस वजह से यह मिडीया प्रचार का एक बहुत बड़ा माध्यम बन गया है। आप सोशल मिड़ीया पर अपने रेस्तरां का एक पेज बना सकते हैं तथा ब्लॉग द्वारा आप रेस्तरां के व्यंजनों की या आपके रेस्तरां में आयोजित होने वाले फूड फैस्ट की जानकारी लोगों तक पहुंचा सकता हैं।

9 प्रचार
ब्लॉग पर पोस्ट होने वाली टिप्पणियों से केवल आप ही नहीं बल्कि अन्य ग्राहक भी एक दूसरे से जुडते हैं। यहां पर पोस्ट होने वाली चर्चा, आपको अपने व्यजनों को एवं अपने रेस्तरां के सुधार से जुड़े कुछ सुझाव उपलब्ध करा सकती है। लुभावने डिस्काउंट से आप ग्राहकों को अपनी ओर आकर्षित करने में सक्षम हो सकते हैं। जरूरी मौकों व त्यौहारों पर ऐसे डिस्काउंट आपके रेस्तरां के लिए फायदेमंद साबित हो सकते हैं।

10 समीक्षा एवं फीड़बैक
रेस्तरां में आने वाले ग्राहकों से फीड़बैक जरूर लें। ये सुझाव रेस्तरां को बेहतर बनाने में आपकी मदद करेंगे। यह सफलता तक पहुंचने की पहली सीढ़ी है। यहां की गई चूक आपको आगे नहीं बल्कि पीछे खींचेगी।